देश के कलेजे के और कितने टुकड़े ?

जगदीश यादव लेखक अभय बंग पत्रिका व www.atvabhay.com के संपादक व निदेशक हैं। देश आजाद हुआ और फिर उसके बाद से भाषा, संस्कृति और प्रशासनिक जरुरतों व ...

फिर दीदी की ‘हसरतों की नाव’ दिल्ली की ओर

जगदीश यादव  कोलकाता। देश में राष्ट्रपति चुनाव की तारीख के करीब आते ही देश की राजनीति में  नये राजनीतिक समीकरण के रंग को मोदी सरकार के विरोधी गाढ़ा कर...

…प्लीज सर हमें अपना काम करने दें

'काश वह हमे सुन लेता' सागरद्वीप से लौटकर लेखक अभय बंग पत्रिका व अभयटीवी डाटकाम के सम्पादक है। जगदीश यादव हमलोग यानी मीडि़या के लगभग एक सौ लोग...

हर डुबकी में मोक्ष

 14 जनवरी गंगासागर पुण्य स्नान पर विशेष लेखक अभय बंग पत्रिका के सम्पादक हैं। जगदीश यादव         अंग्रेजों ने भी इस देश को साधु-संतों का देश कहा ...

वर्ष भर मिलते रहें महानगर को धमाकों की धमकी

गीदड़ भभकियों से बेखौंफ कोलकाता की चाल रही मस्त जगदीश यादव कोलकाता। देश की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर देश दुनियां में प्रसिद्ध महानगर कोलकाता ...

कहीं पर निगाहें कही पर निशाना

जगदीश यादव देश भर में नोटबंदी का प्रभाव साफ देखा जा रहा है। देश के तमाम कोने से नोटबंदी पर तमाम तरह की बाते सुनने को मिल रही है। लेकिन जो एक बात सम...

शहीद दिवस के बहाने ममता बनर्जी ने सुलगायी फेडरल फ्रंट की चिंगारी

जगदीश यादव लेखक अभय बंग पत्रिका व www.abhaytv.com के सम्पादक हैं। कोलकाता। एक दिन पहले यानी शहीद दिवस की सभा में जो सबसे गौर करने वाली बात रही वह...

काश मिठईया समझ पाता कालचक्र को  

लेखक अभय बंग पत्रिका व अभय टीवी डॉट कम के सम्पादक हैं नारदलोक  जगदीश यादव जैसे ही घर आया तो देखा की गुरुदेव नारदजी मेरे घर में रखें हुए पानी के ड्...