राज्य ने निकाला ‘लाल बत्ती बैन’ का विकल्प

कोलकाता। देशभर में लाल बत्ती पर लगी रोक से तमाम मंत्री व वरीय अधिकारियों में निराशा है । वहीं इस रोक से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल ने इसका तोड़ निकाला है । सरकार ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक ऐसी व्यवस्था शुरू की है जहां वह अपनी गाड़ियों पर अलग-अलग तरह के झंडे लगा पाएंगे। इस फ्लैग स्कीम के मुताबिक यह झंडे आयताकार, तिकोने या बीच से कटे हुए होंगे। इनको बोनट पर लगाया जाएगा और इनका प्रयोग सिर्फ तभी किया जा सकेगा जब अफसर ड्यूटी पर होगा। यह स्कीम केवल आईएएस अफसरों के लिए होगी जो विभिन्न स्तरों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रशासनिक एवं कार्मिक विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर सूचना दी कि कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशासकों से मिलने पर इस बात की जरूरत महसूस की गई कि वरिष्ठ अधिकारियों की गाड़ियों पर झंडा लगा होने से सरकार के उद्देश्यों का पता चलेगा तथा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किए बिना आराम से परस्पर बातचीत की जा सकेगी।वीआईपी कल्चर को बढ़ावा देने वाली बत्तियों पर 3 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कदम उठाने को कहा था। सरकार ने इसी साल मई से लाल-नीली बत्तियों पर बैन लगाया है।ज्ञात हो कि बिते दिनों तृणमूल कांग्रेस सरकार में लोक निर्माण मंत्री (पीडब्ल्यूडी मंत्री) अरूप बिस्वास अपने वाहन में लालबत्ती लगाने के कारण मीडिया में खबरों में आ गये थें । वहीं अपनी कार से लाल बत्ती हटाने से इंकार करने वाले मौलाना बरकती को टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम के पद भी गया था।

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