कोलकाता। राज्य के लिये एक गौरव की खबर है। पश्चिम बंगाल के पर्यटक दल ने इस सीजन में पहली बार कालिंदी ट्रैक के साथ ही कालिंदी खाल को भी फतह किया। 20 पर्यटकों का यह दल 23 मई को उत्तरकाशी से रवाना हुआ था। दल चार मई को बदरीनाथ पहुंचा था व आठ मई को बदरीनाथ से उत्तरकाशी पहुंचा। इस दल ने सात दिन तक बर्फीले क्षेत्र में ट्रैकिंग की। हिमालयी ट्रैकों में गंगोत्री कालिंदीखाल-बदरीनाथ ट्रैक सबसे विकट ट्रैक है। हर वर्ष इस ट्रैक पर मई से लेकर सितंबर तक ट्रैकिंग चलती है। इस ट्रैक को पार करने के लिए 5800 मीटर की ऊंचाई पार करनी होती है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से आए 20 पर्यटकों ने उत्तरकाशी के गाइड कपिल पंवार के नेतृत्व में ट्रैकिंग की।
गाइड कपिल पंवार ने बताया कि करीब 7 किलोमीटर बर्फ में चलना काफी रोमांच भरा रहा है। संसाधन अच्छे होने के कारण पर्यटक दल को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। गंगोत्री से लेकर बदरीनाथ तक 12 दिन का समय लगा। सात दिन तक बर्फ में चलने केसाथ ही बर्फ में टेंट लगाकर सोना पड़ा। 5800 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने पर दल ने जश्न मनाया तथा बदरीनाथ पहुंचने पर खुशी व्यक्त की।
इस ग्रुप में शामिल गौतम ससमल ने बताया कि कालिंदी ट्रैक के बारे में उन्होंने अपने पर्वतारोही दोस्तों से सुना था। इसलिए पहले से मन में ठान लिया था कि कालिंदी खाल की ट्रैकिंग करनी है। यह ट्रैक साहसिक पर्यटकों के लिए काफी रोमांच भरा है। पर्यटक दल में मनोहर गिरी, आलोक स्वार, जोयजीत बैनर्जी, शंकर मानव, प्रवीर चक्रवर्ती सहित 20 लोग शामिल थे।

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