कोलकाता। फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर एक बार फिर फिल्मों में सेंसर का बहस शुरु हो गया है। श्याम बेनेगल के नेतृत्व वाली सेंसर बोर्ड सुधार समिति के सदस्य फिल्मकार गौतम घोष ने कहा है कि समिति ने सूचना घोष ने ‘भारत निर्माण अवार्डस’ के दौरान कहा, चलो देखते हैं कि वे  इस पर कैसे काम करते है। बेनेगल पैनल ने 26 अप्रैल को प्रस्तुत अपनी पहली रिपोर्ट में सरकार से फिल्मों के प्रमाणन के लिए समग्र ढांचा’’ बनाने का आग्रह किया है। एवं प्रसारण मंत्रालय के समक्ष फिल्मों के सेंसरशिप से संबंधित कुछ सिफारिशें प्रस्तुत की हैं। जब घोष से फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’’ विवाद को लेकर बंबई उच्च न्यायालय की पीठ की टिप्पणी पर कुछ कहने के लिए कहा गया तब उन्होंने कहा, ‘‘फिल्मों में सेंसरशिप की जरूरत नहीं है, बल्कि फिल्मों का प्रमाणन अन्य तरीकों से हो सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारी सिफारिशों पर काम किया जाएगा तब मेरा जो मतलब है वह स्पष्ट हो जाएगा। मुझे लगता है कि प्रक्रिया की शुरआत पहले ही हो चुकी है। मैं अब इससे आगे कुछ नहीं कहूंगा।’’ समिति में शामिल अन्य सदस्य अभिनेता कमल हासन, फिल्मकार राकेश ओमप्रकाश मेहरा, विज्ञापन जगत की हस्ती पीयूष पांडे, फिल्म आलोचक भावना सोमैया और एनएफडीसी की प्रबंध निदेशक नीना लाठ गुप्ता हैं। खैर देखना है कि आगे होता है क्या।

 

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