रांची से दबोच ट्रांजिट रिमाण्ड पर महानगर लाया गया
पांच माह के बाद घटना की पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

जगदीश यादव
कोलकाता। उल्टाडांगा निवासी अर्चना पालंगदार हत्याकाण्ड में कोलकाता पुलिस की होमिसाईड शाखा की विशेष टीम ने आज अटलांटिक होटल के मनेजर हरिहर यादव को आखिर कर झारखण्ड के रांची स्थित मरकचो थाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया। उसे गिरफ्तार करने में पुलिस को लगभग पांच माह का समय लगा। हरिहर को गिरफ्तार करने में पुलिस को कई बार झारखण्ड के चक्कर लगाने पड़े थे और हर बार पुलिस नाकामयाब हो रही थी। विशेष सूत्रों ने बताया कि हरिहर ने ही उल्टाडांगा निवासी अर्चना पालंगदार व उसेक प्रेमी बलराम की लाशों को ठिकाने लगाने की साजिश रची थी। बित साल 15 अक्टूबर को कोलकाता पुलिस ने हरिहर के बेटे जयदेव यादव को झारखण्ड से गिरफ्तार किया था। बता दे कि जयदेव के गिरफ्तारी से पहले ही घटना की गुत्थी पुलिस ने पहले ही सुलझाने का दावा किया था लेकिन इसके बाद भी कोलकाता पुलिस हाई प्रोफाइल हत्याकांड के सुलझाने में पुलिस कई घाट का पानी पी रही थी। अर्चना की हत्या उसके प्रेमी बलराम ने 19 सितम्बर की रात न्यू मार्केट इलाका स्थित अटलांटिक होटल में की थी। अर्चना की हत्या के बाद बलराम ने खुदकुशी कर ली थी। मामले को पुलिस से छुपाने के उदेश्य से होटल के तीन कर्मचारियों ने अर्चना के शव को आनंदपुर इलाके के पश्चिम चौभागा खाल के पास एवं बलराम के शव को नोनापुकुर खाल में फेंक दिया था। रांची से पकड़ाया अटलांटिक होटल का अस्थाई कर्मचारी आशीष यादव ने पुलिस के सामने यह सनसनीखेज खुलासा किया था। आशीष की निशानदेही पर पुलिस ने नोनापुर खाल से कंबल में लपेटे हुए एक पुरुष का शव बरामद किया था। बलराम के परिजनों से शव की पहचान कराई जा रही है। आशीष ने पुलिस को बताया है कि 19 सितम्बर को अर्चना और बलराम दोनों होटल में ठहरे थे। 2 नमबर रूम मे दोनों थे। 20 सितम्बर की सुबह देर तक जब उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो होटल के कर्मचारियों को संदेह हुआ। होटल के कर्मचारियों ने बाहर से काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। फिर मास्टर की से दरवाज खोल कर वे अंदर घुसे। अंदर जाने पर देखा गया कि दोनों मृत हातल में पड़े हुए हैं। दोनों के शव देख आशीष और उसके दो सहकर्मी हरिहर व उसका बेटा जयदेव यादव डर गए। उन्हें लगा पुलिस केस होने पर होटल में ताला लग जाएगा। फिर तीनों ने मिलकर दोनों के शव को कंबल और रजाई में लपेटकर बांध दिया। फिर दोनों के शवों को एक गाड़ी में लाद कर ले गए और खाल में फेंक दिए। पुलिस हरि और जयदेव यादव की तलाश कर रही थी। बता दे कि जयदेव अटलांटिक होटल के पास ही एक अन्य होटल में काम करता था और उसने उक्त कार्य में अपने पिता हरि की मदद की थी। उल्लेखनीय है कि अचर्ना का शव 21 सितम्बर को आनंदपुर थाना क्षेत्र के पश्चिम चौभागा खाल से बरामद किया गया था। बलराम का कुछ पता नहीं था। उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार जांच में पता चला है कि अर्चाना और बलराम में विवाहेत्तर संबंध थे। दोनों शादीशुदा थे। हालांकि हत्या और आत्महत्या के कारण के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस संबंध में जांच जारी है।

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