जिलों में अवरोध से रेल और सड़क यातायात प्रभावित

रौनक/जाकीर/अनिर्बान/पायल
कोलकाता/हुगली/झाड़ग्राम। राज्य भर में तमाम जगहों पर आज आदिवासी संगठनों के अवरोध से रेल और सड़क यातायात प्रभावित रहा। झाड़ग्राम सहित हुगली,बीरभूम, पुरुलिया, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर, पूर्व वर्दवान, पश्चिम व पूर्व मेदिनीपुर सहित राज्य के तमाम जिलों में आदीवासी संगठनों का जोर देखा गया। ऐसे में आदिवासियों के संगठन भारत जकात मांझी परगना मंडल की ओर से अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी रेल और सड़क अवरोध किया गया है। आज सुबह से ही अवरोध का सिलसिला जारी रहा। जानकारी के अनुसार शिक्षा और कई मुद्दों को लेकर राज्य के आदिवासी संगठन पश्चिम बंगाल राज्य कमेटी के नेतृत्व में अवरोध शुरू हुआ है। इस दिन सुबह छह बजे से आदिवासियों ने झारड़ग्राम के छह नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप खेमागुली में रेल और पथावरोध शुरू कर दिया। जिस कारण रेल और सड़क परिवहन बाधित हो गया। भारी संख्या में आदिवासियों ने इस आन्दोलन में हिस्सा लिया। संगठन के जिला परगना रविन्द्र टुडू ने बताया कि सुबह से हमारा यह राज्यव्यापी आंदोलन शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने सरकार के पास शिक्षा के साथ-साथ आदिवासी समाज के कुछ मुद्दों को रखा था। कई बार इस पर चर्चा भी हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसलिए इस बार हमने फैसला किया है कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मान लेती, तब तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा। यही नही भारत जकात मांझी परगना महल की ओर से आहूत रेल व सड़क अवरोध के मद्देनजर आज सप्ताह के पहले ही दिन पश्चिम मेदिनीपुर जिले में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। बंद का व्यापक असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ा है।बंद के चलते दक्षिण पूर्व रेलवे की दर्जनों ट्रेनें मार्ग में फंसी रहीं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी सड़क यातायात बंद के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुआ। जंगल महल के आदिवासियों की ओर से ओलिचिकी लिपि को विश्व विद्यालय स्तर तक मान्यता देने तथा ओलचिकी शिक्षकों की नियुक्ति समेत 9 सूत्री मांगों के समर्थन में सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। सुबह छह बजे से झाड़ग्राम, बांकुड़ा व पुरुलिया में रेल अवरोध शुरू हो गया।

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