छह माह में जिले में आठ की चढ़ी बलि

कोलकाता। एक बार फिर उत्तर चौबीस परगना में टैंक की सफाई कर रहें दो श्रमिकों की मौत की मौत दम घुंटने के कारण हो गई है। ऐसे में मात्र छह माह में उक्त जिले में कुल छह श्रमिक सेप्टिक टैंक की बलि चढ़ गये। उक्त घटना से एक बार फिर व्यवस्था व कार्यशैली पर सवाल उठने लगे है। पुलिस व स्थानीय लोगों ने बताया कि उत्तर 24 परगना के खड़दह थाने के रईया सेंट जेवियर्स स्कूल के सेप्टिक टैंक में काम करने उतरे दो श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों के नाम प्रदीप बर (26) और समीर दास (32) है। दोनों ही पूर्व मेदिनीपुर के खेजुरी के रहने वाले हैं। पुलिस का अनुमान है कि सेप्टिक टैंक में काम के दौरान दोनों पानी में गिर गये होंगे और दम घुटने से उनकी मौत हो गई होगी। घटना उत्तर 24 परगना के खड़दह थाने के रईया सेंट जेवियर्स स्कूल की है। गर्मी की छुट्टी के दौरान इस समय स्कूल बंद है। मरम्मत संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। शनिवार सुबह भी स्कूल में काम करने के लिए वे आते थे। काम करने के लिए 20 फुट गहरे उस टैंक में प्रदीप और समीर उतरे लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी अन्य श्रमिकों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद टैंक में उनका शव उतराया देखा गया। पहले घटना से स्कूल मैनेजमेंट को अवगत कराया गया और फिर पुलिस को खबर दी गई। माना जा रहा है कि शायद सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस के कारण ही दम घुंटने से ही दोनों श्रमिकों की मौत हुई है। पुलिस ने श्रमिकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। वहीं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन मौत का मामला दर्ज हो सकता है। खैर जो भी हो लेकिन राज्य में इस तरह की कई घटनाएं घट चुकी जब कुंए की सफाई कर रहें श्रमिकों की मौत हो गयी थी। सभी मृत श्रमिक मोगरा के निवासी थें।

Spread the love
  • 4
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    4
    Shares
  •  
    4
    Shares
  • 4
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •