गंगा सागर में होगी पुण्यार्थियों के लिये हर तरह की सुव्यवस्था
सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दास्त नहीं
मेले का बजट इस साल लगभग एक अरब रुपये
उन्नत संसाधनों से लैश होंगे मेला पदाधिकारी
महानगर से सागर तक तीसरी आंख से निगरानी

जगदीश यादव/फिरोज/रमेश/दीवाकर दत्ता/ जाकीर

कोलकाता। कुम्भ मेले के बाद देश भर में दुसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला गंगा सागर मेला सागद्वीप में छह 9 जनवरी से शुरू होगा व 17 जनवरी को समापन होगा। इस मेले में इस बार देश विदेश के लगभग 35 से 40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है। उक्त जानकारी आज दक्षिण चौबीस परगना जिला के डीएम वाई. रत्नाकर राव ने दी। एक संदाददाता सम्मेलन में उन्होंने आज बताया कि देश के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में शुमार है। ऐसे में दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया है। वहीं कोलकाता के बाबूघाट में लगने वाले गंगासागर सेवा शिविरों के निर्माण का काम शुरू हो गया है। देश के अलग अलग हिस्सों से आए साधु संत बाबूघाट में धूनी रमा रहे हैं।दक्षिण 24 परगना के डीएम ने बताया कि मेलार्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और मेला कमेटी ने कमर कस ली है। गंंगासागर तीर्थ स्नान संगीनों के साये में होगा क्यो सरकार किसी भी हाल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सझौता नहीं कर सकती है।डीएम ने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा व उनकी देखभाल पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस बार सागर मेले में 30 एसपी, 89 डीएसपी, 214 इंस्पेक्टर, 633 एसआई व एएसआई रैंक के पदाधिकारी नियुक्त होंगें। जबिक 3240 सिपाही, 2000 होमगार्ड व एक हजार सिविक वालिटीयर कर्मी सुर7ा व्यवस्था के लिये तैनात होगें। जबकि कोलकाता से लेकर सागरद्वीप तक कुल 700 सीसीटीवी कैमरे, 20 ड्रोन,20 हिलेलिएम गुब्बारे से मेले पर निगाह रखी जाएगी। वहीं मेगा कंट्रोलरुम से मेले के चप्पा चप्पा से निगाह होगी। हेमरेडियो कर्मियों की भी सहायता ली जाएगी। डीएम राव ने बताया कि गंगासागर मेला स्थल में साफ सफाई बढ़ाने के लिए इस बार करीब 10 हजार शौचालय बनाए जाएंगे। दक्षिण 24 परगना जिले में लगने वाले इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु भाग लेंगे। राज्य सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। राव ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस दल की तैनाती भी की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मेले का वजट इस साल अनुमानिक तौर पर एक अरब रुपये हो सकता है। जो कि गुजरे साल 70 करोड़ रुपये था। मेले का पवित्र स्नान। रत्नाकार राव ने बताया कि सम्भवताः सम्पर्क व्यवस्था के तहत पहली बार किसी भी स्थिती से निपटने के लिये सैटेलाइट फोन से लेकर हर स्तर का इस्तेमाल जिला प्रसाशन द्वारा की जाएगी। वहीं तीसरी आंख यानी 700 सीसीटीवी से कोलकाता से लेकर सागर तक निगाह रखी जाएगी और मेगा स्क्रीन पर कंट्रोल रुम से तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। होवर क्राफ्ट भी यहां सुरक्षा के तहत तैनात होंगे। हर साल की तरह ही सरकार ने प्रत्येक श्रद्धालु के लिए पांच लाख की बीमा कराने का भी निर्णय लिया है। गंगासागर मेले के लिए श्रद्धालु आखिरी समय में उमड़ने वाली भीड़ से बचने के लिए पहले ही यहां जुटने शुरू हो गए हैं। हर रोज यहां दस हजार से ज्यादा पुण्यार्थी स्नान कर रहें हैं। मेला क्षेत्र के विभिन्न चौराहों, रेलवे स्टेशनों तथा लॉट संख्या-8, कचूबेडिय़ा, नामखाना, काकद्वीप में पुलिस सहायता केंद्र, अस्थायी चिकित्सा शिविर की व्यवस्था की गई है। पुण्यार्थियों से अधिक किराया ना वसूला जाए, इसके लिए प्रशासन ने विभिन्न स्थानों से लांच और बस किराए का ब्यौरा भी जारी किया है। ताकि पुण्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मेला क्षेत्र में दूर संचार की उत्तम व्यवस्था के लिए बीएसएनएल समेत अन्य मोबाइल ऑपरेटिंग कम्पनियों को सतर्क किया गया है। चोर उच्चकों के लिये विशेष व्यवस्था से निपटने की तैयारी भी हो गय़ी है। जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि मेले के दौरान सागर क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जाएंगे। पुलिस, आपदा प्रबंधन, सिविक पुलिस के अलावा तटरक्षक भी तैनात किए जा रहे हैं। इस साल किसी भी स्तर पर बस, वेसल व अन्य वाहनों के किराये में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गयी है। इसके अलावा स्व्स्थ्य सेवा में काफी बढ़ोत्तरी की गयी है और 50 एम्बूलेंस की व्यवस्था हमेशा रात दिन होगी। यात्री निवास में कापी बढ़ोत्तरी की गयी है और अराजक तत्वों के किलाफ सतर्कता व मुहिम जारी है। भी से ही वहां सुरक्षा व्यवस्था के तहत सेना के जवान तैनात हैं। साथ ही तीर्थ यात्रियों का रेला लगने लगा है। जिला प्रसाशन ने अपने दिशा निर्देश में पुण्यार्थियों प्रार्थना कर रही है कि वह लोग खुले में शौंच या लघुशंका नहीं करें। कारण लगभग 10 हजार शौचालय यहां होंगे। अण्डर ग्राउण्ड शौचालय से मेले को स्वच्छ रखना ही सरकार की प्राथमिकता है इसलिये खुद गंदगी नहीं फैलाए और ना ही दुसरों को मेला परिसर गंदा करने दें। सागर तट पर कपड़े नहीं धोएं और पूजन सामग्री संगम में नहीं फेंके। किसी भी रुप में प्लास्टीक को निषेधकिया गया है अतएवं इसका ध्यान रखें। हुगला सह अन्य अस्थायी यात्री निवास में आग नहीं जलाएं। किसी अंजान का खाना नहीं खायें और अपने सामानों के प्रतिसतर्क रहें। पीले रंग के शौचालय का इस्तेमाल करें। कूड़े के लिये कूड़ेदान का उपयोग करें। प्लास्टीक को निषेध किया गया है इसलिये प्लास्टीक के कप और कैरी बैग काइस्तेमाल आपके परेशानी का कराण बन सकता है। परेशानी पर स्वंयसेवकों की मदद लें और किसी के गुम होने पर बजरंग परिषद की मदद लें।यात्रा में पीले रंग के शौचालय का इस्तेमाल करें। कूड़े के लिये कूड़ेदान का उपयोग करें। प्लास्टीक को निषेध किया गया है इसलिये प्लास्टीक के कप और कैरी बैग काइस्तेमाल आपके परेशानी का कराण बन सकता है। परेशानी पर स्वंयसेवकों की मदद लें और किसी के गुम होने पर बजरंग परिषद की मदद लें। बीमार होने परसागर मेला ग्राउण्ड अस्थायी अस्पताल की व्यवस्था की गई है। एसके अलावा आपात आईसीओ, 50 एम्बूलेंस व एक वाटर एम्बूलेंस के अलावा रेडीमेड सम्पर्क टवर से संचार संचार व योगायोग व्यवस्था से मेले की सफलता को पुख्ता किया जाएगा।

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