नई दिल्ली।

The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Shri Arun Jaitley along with the Minister of State for Finance, Shri Shiv Pratap Shukla arrives at Parliament House to present the General Budget 2018-19, in New Delhi on February 01, 2018.

देश को वजट का इंतजार कर रहा था, वह पेश किया जा चुका है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार का फाइनल बजट पेश किया। बजट में मिडल क्लास को तकलीफ देह टैक्सों से राहत नहीं मिली। लेकिन, इसमें अगले 14 महीनों में होने वाले आम चुनाव समेत 14 चुनावों पर पूरा ध्यान दिया गया। कांग्रेस के परंपरागत वोटर्स को टारगेट करने के लिए जेटली ने योजनाओं का एलान किया। इनमें किसानों को फसलों की उत्पादन लागत से डेढ़ गुना ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाना और नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को जोड़ने जैसी योजनाएं शामिल हैं।केंद्रीय वित्ता और कॉरपोरेट मामले मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि सरकार विनिर्माण सेवाओं और निर्यातों के क्षेत्र में आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर प्राप्ते करने के प्रति वचनबद्ध है। 2017-18 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पातद की 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर ने अर्थव्यीवस्थाल में महत्वपपूर्ण बदलाव आने के संकेत दिए थे। वित्ते वर्ष की दूसरी छमाही में सकल घरेलू उत्पाकद में 7.2 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने की आशा है। वित्ता मंत्री ने कहा कि भारतीय समाज और अर्थव्य वस्थाम ने बुनियादी सुधारों के साथ उल्ले खनीय प्रगति दर्ज की है। उन्होंाने कहा कि अंतरराष्ट्री य मुद्राकोष ने हाल की अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि आगामी वर्ष के दौरान भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत होगी। उन्होंभने कहा कि देश आठ प्रतिशत से अधिक की उच्चा विकास दर को प्राप्तर करने के पथ पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विनिर्माण क्षेत्र में भी विकास तीव्रता के साथ आगे बढ़ते हुए आठ प्रतिशत से अधिक की उच्चर दर से वृद्धि कर रहा है। वर्ष 2017-18 में निर्यात में 15 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान है।श्री जेटली ने कहा कि चार वर्ष पूर्व सरकार ने भारत के लोगों को एक ईमानदार, स्वरच्छस और पारदर्शी सरकार देने का वचन दिया था और एक ऐसे नेतृत्व का वादा किया था जो कठिन निर्णयों को कम करने में और भारत की अर्थव्यथवस्था् में विश्वािस को बहाल करने में सक्षम हो। श्री जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रन मोदी के नेतृत्वल में सरकार ने अनेक बुनियादी संरचनात्मनक सुधारों को न सिर्फ कार्यान्वित किया बल्कि देश में गरीबी को कम करने, आधारभूत सुविधाओं के सृजन में गति लाने और एक मजबूत आत्मिविश्वािस से परिपूर्ण नवभारत देना का वचन दिया।वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने देश के किसानों, गरीब वर्ग के लोगों और समाज के अन्ये तबकों के संरचनात्मनक बदलाव एवं अर्थव्योवस्थाअ की उच्चण विकास दर के लाभ को उन तक पहुंचाने तथा देश के अल्प् विकसित क्षेत्रों के उत्थापन के लिए अनेक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया है। उन्होंंने कहा कि इस वर्ष के बजट में विशेषकर कृषि और ग्रामीण अर्थव्येवस्थाक को मजबूत बनाने, आर्थिक दृष्टि से कम सुविधा प्राप्तय वर्ग के लोगों को उत्त म स्वािस्य््ट सेवाएं उपलब्धि कराने, वरिष्ठं नागरिकों के हितों की रक्षा करने, आधारभूत सुविधाओं के सृजन तथा देश में शिक्षा की गुणवत्ताक में सुधार के लिए अधिक संसाधन उपलब्धं कराने के लिए राज्योंा के साथ मिलकर कार्य करने पर विशेष रूप से जोर दिया है।वित्त‍ मंत्री ने कहा कि सरकार ने वैद्य लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुंचाने को भी सुनिश्चित किया। उन्होंनने कहा कि भारत का प्रत्याक्ष लाभ हस्तांयतरण तंत्र विश्वक का एक सबसे बड़ा संचालन और एक वैश्विषक स्तर पर सफलता की गाथा भी है।

कृषि और ग्रामीण अर्थ व्यस्था

वित्तऔ मंत्री ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की सरकार की वचन बद्धता का उल्लेख करते हुए अनेक नई योजनाओं और उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने आगामी खरीफ से सभी अघोषित फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्यफ उत्पादन लागत के कम से कम डेढ़ गुणा करने का फैसला किया है। उन्हों ने कहा कि रबी की अधिकांश घोषित फसलों का न्यू नतम समर्थन मूल्या लागत से डेढ़ गुणा तय किया जा चुका है। उन्होंतने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए संस्थाागत ऋण की राशि में वर्ष दर वर्ष निरंतर वृद्धि की है और यह राशि वर्ष 2014-15 के 8.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़ाकर वर्ष 2017-18 में 10 लाख करोड़ रुपए कर दी गई। वित्त मंत्री ने वर्ष 2018-19 में इस राशि को 11 लाख करोड़ रुपए करने का प्रस्ता व दिया।श्री जेटली ने डेयरी उद्योग की आधारभूत सुविधाओं में वित्तप निवेश में सहायता के लिए सूक्ष्मध सिंचाई कोष स्थाएपित करने की घोषणा की। वित्तू मंत्री ने मत्य्कोष क्रांति अवसंरचना विकास कोष तथा पशुपालन के लिए आधारभूत सुविधा विकास कोष स्थातपित करने की घो‍षणा की। इन दोनों कोषों की कुल स्थाकई निधि 10 हजार करोड़़ रुपए होगी।श्री जेटली ने कहा कि ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर ऑपरेशन ग्रीन्सट प्रारंभ करने का सरकार का प्रस्ताव है। इसके प्रयोजनार्थ 500 करोड़ रुपए की राशि आबंटित की गई। उन्होंरने कहा कि 86 प्रतिशत से ज्याादा लघु और सीमांत किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए मौजूदा 22 हजार ग्रामीण हाटों को ग्रामीण कृषि बाजारों के रूप में विकसित तथा उन्न त किया जाएगा। श्री जेटली ने कहा कि 22 हजार ग्रामीण कृषि बाजारों तथा 585 एपीएमसी में कृषि विपणन अवसंरचना के विकास के लिए दो हजार करोड़ रुपए की स्थाई निधि से एक कृषि बाजार अवसंरचना कोष की स्था्पना की जाएगी।वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष ई-नैम को सुदृढ करने और इसे 585 एपीएमसी तक पहुंचाने के संबंध में घोषणा की गई थी। इनमें से 470 को ई-नैम नेटवर्क से जोर दिया गया है शेष को 2018 तक जोड़ दिया जाएगा। वित्ते मंत्री ने संगठित कृषि एवं संबद्ध उद्योग को सहायता के प्रयोजनार्थ 200 करोड़ रुपए की राशि आबंटित करने का प्रस्ताव दिया।वित्त  मंत्री ने कहा कि बांस हरित सोना है। उन्हों ने इस क्षेत्र को संपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए 1290 करोड़ रुपए के परिव्यतय के साथ एक पुनर्गठित राष्ट्री य बांस मिशन को शुरू करने का प्रस्ताव दिया।

वित्तत मंत्री ने कृषि उत्पारदों के निर्यात की संभावना को देखते हुए 42 मेगा फूड पार्कों में अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्तांव दिया। उन्हों ने हरियाणा, पंजाब, उत्त‍र प्रदेश और राष्ट्रीसय राजधानी क्षेत्र दिल्लीे में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सरकारों के प्रयासों को सहायता देने की एक विशेष योजना की भी घोषणा की।वित्त मंत्री ने महिलाओं के स्वोयं सहायता समूहों के ऋण को पिछले वर्ष के मुकाबले 37 प्रतिशत बढ़ाकर वर्ष 2016-17 में लगभग 42,500 करोड़ रुपए किया था। 2019 तक यह ऋण राशि बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपए कर दी जाएगी। 2018-19 राष्ट्री य ग्रामीण आजीविका कार्यक्रम के लिए 5750 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया गया।निम्नर और मध्यम वर्ग के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए वित्तऔ मंत्री ने कहा कि उज्जउवला योजना के अंतर्गत आठ करोड़ गरीब महिलाओं को एलपीजी कनेक्‍शन दिए जाएंगे। सोभाग्य़ योजना के अंतर्गत 16 हजार करोड़ रुपए के परिव्यरय से 4 करोड़ गरीब परिवारों को बिजली के कनेक्श न प्रदान किये जा रहे है। 2022 तक सभी को आवास का लक्ष्य‍ पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 2019 तक एक करोड़ से ज्याूदा आवासों का निर्माण किया जाएगा इसके अलावा स्वकच्छस भारत अभियान के तहत छह करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

वित्त मंत्री ने कहा कि 2018-19 के लिए स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर बजटीय व्यीयों का अनुमान 2017-18 के 1.22 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 1.38 लाख करोड़़ रुपए है।शिक्षा के क्षेत्र में वर्ष 2022 तक खेल और कौशल विकास में प्रशिक्षण प्रदान करने के अलावा 50 प्रतिशत से ज्यांदा की अनुसूचित जनजाति आबादी वाले प्रत्येक ब्लॉ क में एकलव्य् मॉडल आवासीय विद्यालय की स्था्पना की घोषणा की।वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक-आर्थिक जातीय जनगणना के अनुसार वृ‍द्धों, विधवाओं, बेसहारा बच्चोंम, दिव्‍यांगजनों और वंचित लोगों के प्रत्येधक परिवार तक पहुंचने के लिए एक व्यानपक सामाजिक सुरक्षा तथा संरक्षण कार्यक्रम कार्यांवित कर रही है। राष्ट्रीुय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के लिए वर्ष 2018-19 में 9975 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2022 तक शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं और प्रणालियों को पुन: मजबूत बनाने के लिए अगले चार वर्षों में एक लाख करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है।प्रधानमंत्री अनुसंधान अध्येकता पहल के तहत श्रेष्ठ संस्थाानों से हर वर्ष एक हजार उत्कृ ष्टे बीटैक छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें आईआईटी, आईआईएससी में पीएचडी करने के लिए सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।वित्ता मंत्री ने 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को दायरे में लाने के लिए एक फ्लैगशिप राष्ट्री य स्वा स्य्िव संरक्षण योजना को प्रारंभ करने की घोषणा की जिसके तहत द्वितीयक और तृतीयक देखभाल अस्पणताल में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष कवरेज प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय स्वारस्य््ष नीति 2017 की परिकल्पसना के अनुसार 1.5 लाख केंद्र स्वाीस्य् प देखभाल प्रणाली को घर तक पहुचाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए 1200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।गंगा स्वमच्छता के मामले में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत 16,713 करोड़ रुपए की लागत से कुल 187 परियोजनाओं को स्वी1कृति दी गई है। इनमें से 47 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 4465 ग्रामों को खुले मे शौच से मुक्तग घोषित कर दिया है।

मध्यम लघु तथा सूक्ष्म उद्यम रोजगार

मध्यघम लघु तथा सूक्ष्म उद्यम एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बजट में 3794 करोड़ रुपए प्रदान किए गए हैं। अप्रैल 2015 में मुद्रा योजना का शुभारंभ किया गया। जिसके तहत 10.38 करोड़ रुपए के मुद्रा लोन दिए गए। इनमें से 76 प्रतिशत ऋण खाते महिलाओं के जबकि 50 प्रतिशत से ज्या दा अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्यल पिछड़े वर्ग के हैं। 2018-19 के लिए मुद्रा के अंतर्गत तीन लाख करोड़ रुपए के ऋण का लक्ष्यि रखा गया है।

रोजगार सृजन

रोजगार सृजन की प्राथमिकता सरकार की नीतियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं वित्तर मंत्री ने एक स्व तंत्र अध्यियन का उल्लेखख करते हुए कहा कि इस वर्ष 70 लाख औपचारिक रोजगारों का सृजन किया जाएगा। पिछले तीन वर्षों के दौरान रोजगार सृजन की दिशा में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेरख करते हुए वित्तद मंत्री ने घोषणा की कि सरकार अगले तीन वर्षों में सभी क्षेत्रों के लिए ईपीएफ में नए कर्मचारियों के वेतन का 12 प्रतिशत का योगदान करेगी।2018-19 में टैक्साटाइल क्षेत्र में 7148 करोड़ रुपए परिव्य्य का प्रसताव है।

बुनियादी ढांचा और वितीय क्षेत्र विकास

वित्तं मंत्री ने बुनियादी ढांच के विकास को अर्थव्येवथा का प्रमुख आधार बताते हुए अनुमान लगाया कि सकल घरेलू उत्पारद में वद्धि और समूचे देश को एक नेटवर्क में जोड़़ने के लिए 50 लाख करोड़ रुपए की आवश्यककता है। उन्हों ने 2018-19 में बुनियादी ढांचे पर 5.97 लाख करोड़ रुपए के आबंटन का प्रस्तािव दिया है।वित्तत मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नियमित तौर पर प्रगति के माध्यतम से बुनियादी क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा की है और इसके तहत 9.46 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं।भारतमाला परियोजना के अंतर्गत करीब 35 हजार किलोमीटर सड़क के निर्माण को चरण एक में अनुमति दी जा चुकी है और इसकी अनुमानित लागत 5,35,000 करोड़ रुपए है।

रेलवे

वर्ष 2018-19 के लिए रेलवे का पूंजीगत व्यकय 1,48,528 करोड़ रुपए रहा है। 2017-18 के दौरान चार हजार किलोमीटर का विद्युत रेलवे नेटवर्क प्रारंभ हो चुका है। मुंबई का स्था नीय रेल नेटवर्क 11 हजार करोड़ रुपए की लागत से दोहरी लाइनों के साथ 90 किलोमीटर होगा। इसके अलावा 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से एक अतिरिक्तर 150 किलोमीटर का उप शहरी नेटवर्क योजानवित किया जा रहा है।

हवाई परिवहन

एक नवीन पहल नाभ निर्माण के अंतर्गत प्रतिवर्ष एक बिलियन आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए हवाई अड्डा क्षमता में पांच गुणा विस्ता र करने का प्रस्ताकव बजट में दिया गया है। इसके अलावा सरकार ने पिछले वर्ष प्रारंभ की गई उड़ान नामक क्षेत्रीय योजनाओं के अंतर्गत 56 हवाई अड्डों और 31 हैलीपैडों को पुन: जोड़ा जाएगा जिनमें अभी सेवाएं प्रदान नहीं की जा रही है।

वित्तक

बांड बाजार से कोषों के निर्माण को प्रोत्सानहन देने के लिए वित्ता मंत्री ने नियामकों से निवेश वैद्यता के लिए एए से ए रेटिंग की ओर बढ़़ने की अपील की। उन्होंेने कहा कि सरकार भारत में अंतरराष्ट्री य वित्तह सेवा केंद्र में सभी वित्तीएय सेवाओं को नियमित करने के लिए एकीकृत प्राधिकरण की स्थापना करेगी।

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