काफी जद्दो जहद के बाद राज्य ने दिखायी हरी झंडी

कोलकाता। केन्द्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा के लिए राज्य के 11 लाख गरीबों को सूचीबद्ध किया गया है। बता दे कि राज्य सरकार द्वारा इस योजना के लिये इंकार किया गया था लेकिन अब राज्य सरकार ने भी योजना को हरी झंड़ी दिखा दी गई है। ऐसे में अब राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद केंद्र और राज्य के बीच इसे लागू करने पर सहमति बन गई है। माना जा रहा कि इस योजना से लाखों गरीबों का भला होगा। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले 11 लाख गरीब परिवारों को सूचीबद्ध किया है।  राज्य स्वास्थ्य विभाग के सचिव आलोक वर्मा ने बताया कि केंद्र की राष्ट्रीय बीमा स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत राज्य सरकार ने राज्य के 11 लाख परिवारों को सूचीबद्ध किया है। इन्हें पांच लाख रुपये की सालाना स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाएगा। आलोक वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर आयुष्मान भारत की सचिव इंदू भूषण की मौजूदगी में राज्य सरकार ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। केंद्र और राज्य के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि आयुष्मान भारत परियोजना को राज्य में स्वास्थ्य साथी योजना के बैनर तले चलाया जाएगा। इसे ”आयुष्मान भारत व स्वास्थ्य साथी” के संयुक्त बैनर तले लागू किया गया है। राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से यह योजना यहां लागू करने पर बनी सहमति के बाद ही हस्ताक्षर किया है। आलोक वर्मा ने बताया कि समझौते के तहत राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई स्वास्थ्य योजना के शुरू होने के बाद इसके दायरे में सूचीबद्ध किए गए 11 लाख परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने के लिए केंद्र सरकार जल्द आवश्यक धनराशि आवंटित करेगी। वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में 4.12 लाख परिवार सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 6.29 लाख परिवार राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आते हैं। इन्हें संयुक्त रूप से ”स्वास्थ्य साथी आयुष्मान भारत’ परियोजना के तहत सूचीबद्ध कर दिया गया है।आयुष्मान भारत में इन योजनाओं के विलय के बाद लाभार्थियों की संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद भी वर्मा ने जताई है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2016 में राज्य में स्वास्थ्य साथी योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत गरीब परिवारों को 1.5 लाख से लेकर 5 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा दी जाती थी। कैंसर और न्यूरो जैसी घातक बीमारियों के लिए ही पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान राज्य सरकार की योजना में था। केंद्र की ओर से आयुष्मान भारत के तहत कम से कम 5 लाख के स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत करने के बाद ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि उनके राज्य में स्वास्थ्य साथी योजना पहले से चल रही है।ऐसे में किसी भी अन्य योजना को लागू करने का कोई औचित्य नहीं लेकिन केंद्र के प्रतिनिधियों की ओर से स्वास्थ्य बीमा योजना की राशि केंद्र सरकार की ओर से आवंटित करने का आश्वासन दिए जाने और देश की व्यापक जनसंख्या को इसके तहत कवर करने के लक्ष्य में भागीदारी की अपील करने पर ममता बनर्जी की सरकार इसके लिए तैयार हुई है। आयुष्मान भारत योजना की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंदू भूषण ने इस बात की पुष्टि की है कि इसके लिए आवश्यक धनराशि अगस्त महीने तक हर हाल में आवंटित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे में यह राज्य आयुष्मान को लागू करने के मामले में  देश का 26वां राज्य है।
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