मृतका का बेटा तीन दिन बाद ही शव को घर में दफनाता
कृष्णा के शव में बिलबिलाने लगे थें कीड़े

जगदीश यादव

कोलकाता। अपनी बुजुर्ग मां कृष्णा भट्टाचार्य के शव के साथ 18 दिन से रह रहे मैत्रेय भट्टाचार्य का भले ही अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन उसने पुलिस को जो बताया वह बेहद चौकाने वाला है। साल्टलेक निवासी 38 साल के मैत्रेय भट्टाचार्य अपने घर में किस तरह के खौंफनाक कार्य को अंजाम दे रहा है यह सपने में भी किसी को पता नही था। मामले का खुलासा तब हुआ जब मैत्रेय ने बिडन स्ट्रीट निवासी अपने जान पहंचान वाले को अपने घर बुलाया। इस आदमी को मैत्रेय ने अपने घर के अंदर उसकी मां की कब्र खोदने और उसमें दफनाने के लिए रविवार की शाम को बुलाया था। पता नहीं मैत्रेय अपनी मां के शव को और कितना दिन अपने घर में रखता अगर कब्र खोदने आये उसके जान पहंचान के व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी तो पुलिस ने धावा बोला। जब पुलिस ने घर में अजीबो गरीब दृश्य देखा तो एक बारगी पुलिस भी सहम गई । पुलिस टीम के पल्ले ही नहीं पड़ रहा था कि पुलिस क्या देख रही है। घुप अंधेरे कमरे में एक लकड़ी की अलमारी पर महिला यानी कृष्णा भट्टाचार्य का शव पड़ा हुआ था। पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि शव में कीड़े बिल बिला रहे थें। जब पुलिस वालों ने मैत्रेय से शव को इतने दिनों तक घर में रखने की वहज पूछा तो उसने जो जवाब दिया वह किसी के रुह को कंपा देने वाला है। कुल मिलाकर मैत्रेय ने पुलिस कको जो भी बताया उस पर स्वास्थ्य मस्तिक का कोई भी इंसान यकीन नहीं कर सकता था। मैत्रेय ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां के शव को और तीन दिन ऐसे ही रखना चाहता था। मैत्रेय की माने तो वह तीन दिन यानी कुल मिलाकर 21 दिन बाद शव को दफनाने के लिए विशेष क्षण का इंतजार कर रहा था। मैत्रेय ने बताया कि वह और उसका परिवार रिवाज सिद्धांतों पर अटूट विश्वास रखते हैं। इसलिये शव को दफनाने के लिये उपयुक्त शुभ समय का वह इंतजार कर रहा था जो कि 21वें दिन पूरा होता। मैत्रेय ने पुलिस को बताया कि उसकी मां की मौत 18 दिन पहले हो गई थी। उसने पुलिस को बताया,’मैं शव को तीन दिन के लिए और रखना चाहता था, फिर 21 दिन पूरे होने के बाद मैं घर पर ही उसे दफनाता।’ कृष्णा अपने रिटायरमेंट तक भवानीपुर में एक गर्ल्स स्कूल में पढ़ाती थीं और उनके पिता सरकार द्वारा चलाए जाने वाले हेल्थ इंस्टिट्यूट एसएसकेएम अस्पताल में यूरोसर्जन थे। मैत्रेय ने दावा किया कि वह साइंस ग्रैजुएट हैं और पिता की मौत के बाद उन्हें अपना पोस्ट ग्रैजुएशन बीच में ही छोड़ना पड़ा। बिधाननगर थाने के डेप्युटी कमिश्नर अमित जवालगी ने कहा, ‘हमने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं।’

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