कोलकाता। बंगाल में बूरी तरीके से पिट चुकी माकपा के पास लगता है कि अब मुद्दों का इस कदर अभाव पड़ गया है कि अब माकपा कश्मीर का राग अलाप रही। जबकि यह पार्टी आमतौर पर इससे दूर ही रहती थी। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आज नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति को अचानक और बिना सोच वाली करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को कश्मीर में तत्काल एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजना चाहिए और आतंकवाद के मुद्दे के निवारण के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। येचुरी ने कहा, इस देश की सरकार कश्मीर पर ऐसी नीति का अनुसरण कर रही है जिसके आगे दुष्प्रभाव होंगे। हमें कश्मीर के भीतर मुद्दों का निवारण करना चाहिए। भारतीय संसद के एक प्रतिनिधिमंडल को जमीनी हालात को देखने के लिए भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे कदम नहीं उठा रही जिससे कश्मीर में अशांति का हल निकले। येचुरी ने कहा कि विदेश सचिव एस जयशंकर के इस बयान की आलोचना की कि आतंकवाद इस्लामाबाद के साथ उसके संबंधों में केंद्र में है। माकपा नेता ने कहा कि विदेश सचिव ने कुछ भी नया नहीं कहा है।उन्होंने कहा, ‘‘इसी मोदी सरकार ने भारत-पाक संवाद के पैकेज का एलान किया था, लेकिन बाद में वे बातचीत से पीछे हट गए। फिर अचानक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर का भोज करने के लिए पाकिस्तान पहुंच गए और कहा कि बातचीत बहाल होगी। अब वे कह रहे हैं कि कोई बातचीत नहीं होगी।

 

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