भक्तों ने कहा, कालरात्रि करती है कोलकाता की रक्षा

जगदीश यादव
कोलकाता। जी हां, एक बार फिर महामाया कालरात्री की नगरी कोलकाता में चक्रवात के रुप में खतरनाक बला फानी का फन मुरझा गया। ऐसा एक बार नहीं बरन बार बार हुआ है। न जाने कितने तूफान व जनमानस पर आने वाले खतरे कालीक्षेत्र में आते ही घुटने टेकते रहे है। मित्रों इसे आप क्या कहेगें हमे नहीं पता लेकिन माता कालरात्री के भक्तों जनआस्था है कि स्वंय महामाया कालरात्री अपने श्रेत्र कोलकाता की रक्षा करती है। आज शनिवार को कालीघाट मंदिर में देश के कोने कोने से माता के भक्तों की भीड़ उमड़ती है। अगर बात कोलकाता के लोगों की करे तो इस दिन कलाघाट मंदिर में माता के दर्शन के शहर के लोगों का तांता लगता है। भीषण तूफान फानी के सम्भावित कहर से जहां पीएमओ से लेकर राज्य का सीएमओ कार्यालय तक चिंचित रहा और दिन रात निगरानी व सहायता के लिये व्यवस्था सक्रिय रही वहीं आपको हैरत होगी माहनगर कोलकाता विशेषकर माता काली मईया के भक्त इस बात से निश्चिंत थें कि काली क्षेत्र कोलकाता में फानी से तबाही नहीं होगी। कालीघाट में पुरोहित, संजीव दूबे सहित विनोद मोदी, विनोद सिंह, राहुल अग्रवाल, गांधी यादव और के. काम राजू सहित भक्तों ने आज इस ओपन सिक्रेट को खोलते हुए कहा कि हमलोगों को पूर्ण विश्वास था कि महानगर कोलकाता में फानी का फन मुरझा जाएगा और फानी घुटने टेक देगा। काली माता के इन भक्तों ने दावा करते हुए कहा कि सुनामी से लेकर आईला की जो भीषण असर की आशंका की जाती रही है हरदम उक्त शंका आशंका ही साबित हुई। माता काली के भक्तों ने की आस्था व दावे की बात करे तो वह लोग काली क्षेत्र कोलकाता में फानी के व्यापक व भीषण असर से निश्चिंत थें कि माता के कारण ऐसा कुछ नही होने वाला है। माता के भक्तों ने कहा कि जहां आज भी लोग भयभीत थे वहीं माता के भक्त हर दिन की तरह माता के दरबार में हाजिरी लगाई और माता की पूजा अर्चना की। वैसे यहां के दुकानदारों ने भी कहा कि उन्हें फानी के कथित तबाही की आशंका ही नही थी यही कारण है कि वह हर रोज की तरह अपनी दुकानों में आये। खैर बात अगर आस्था की हो तो हर तर्क बौना साबित हो जाता है। माता के भक्तों के बार में भी यही चीज लागू होती है। बात दे कि ओडिशा में भीषण तबाही मचाने के बाद देर रात चक्रवाती तूफान फानी नेबंगाल में प्रवेश किया। लेकिन यहां फानी का दम कमजोर हुआ और यह चक्रवात खड़गपुर इलाके को पार कर उत्तर-पूर्व दिशा में 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बांग्लादेश की ओर आगे बढ़ा। फानी से प्रभावित राज्यों को निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 1000 करोड़ रुपये जारी किए है।

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