11 फुट की 185 किलो वजनी मछली 10 हजार में बिकी
एक घंटे में 70 कि.मी. है उड़ने की रफ्तार

सुब्रत सामंत
पूर्व मेदिनीपुर। दुनिया भर में इस राज्य की पहंचान मछली को लेकर भी है। राज्य के समुन्द्र व तलाबों से अक्सर दैत्याकार मछलियों के पकड़े जाने की खबर मीडिया की खुराक बनती रही है। पूर्व मेदिनीपुर स्थित व देश के पर्यटकों के बीच मशहूर दीघा में आज पर्यटकों के बीच एक दैत्याकार मछली की चर्चा चारो ओर रही। जिसे इस उड़ने वाली दैत्याकार मछली के पकड़े जाने की सूचना मिली वह इसे देखने के लिये बेताब रहा। अधिकारिक सूत्रों व मछुआरों ने बताया कि दीघा के समुद्र से 185 किलो वजनी एक दैत्याकार मछली पकड़ी गई। इसकी लम्बाई 11 फुट है। मिली जानकारी में बताया जा रहा है कि ओड़िशा निवासी शंकर गिरि नाम का एक मछुआरा दैत्याकार मछली को दीघा के तट पर ले आया। जैसे ही दैत्याकार मछली की खबर लोगों को लगी इस मछली को यहां देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। मछुआरे का कहना है उसने इस मछली को उड़ते देखा था। यह मछली 10 हजार रुपए में बिकी। मूलतः शत्रुओं के हमले से बचने के लिए यह मछली उड़ती है। दावा किया जा रहा है यह मछली 20 फुट ऊपर तक उड़ सकती है। एक घंटे में इसके 70 कि.मी. की रफ्तार से उड़ने की बात कही गई है। एक बार में यह 180 फुट तक उड़ सकती है। मत्स्य विशेषज्ञों व जानकारों ने बताया कि यह मछली पहले समुद्र के जल के ऊपर आई और रेंज हिलाकर पक्षियों की तरह उड़ने लगी। आकाश से उतर कर पक्षियों की भांति ही यह मछली अपने पंख समेट कर समुद्र में चली गई। उन्होंने बताया कि पृथ्वी के गर्म देशों के समुद्रों में उड़ने वाली मछलियां पाई जाती हैं। पूरे विश्व में 64 ऐसी मछलियों की प्रजातियां हैं। वैसे मत्स्य विशेषज्ञों व जानकारों गरनार्ड मछली अगर पानी में तैरती है तो वह जमीन पर चल सकती है तो हवा में उड़ती भी है। मत्स्य विशेषज्ञों व जानकारों की माने तो ऐसी भी मछलियां होती है जो लगभग 200 से लेकर 400 मीटर तक हवा में उड़ती है। आकार में कुछ 45 सेमी. की मछली की एक प्रजाति पानी में बहुत तेजी से तैरती है और पानी की सतह पर आकर अपने पंख फैला लेती है। कुछ सेकेंड सतह पर तैरकर यह मछली हवा में उड़ने लग जाती है। इस मछली ने हवा में उड़ने की इस काबिलियत को शिकारी मछलियों से बचने के लिए अपने अंदर विकसित किया है। बता दें कि जब सॉर्ड फिश, टूना, मैकेरेल और मर्लिन जैसी शिकारी मछलियां फ्लाइंग फिश पर हमला बोती हैं तो यह मछली लगभग 60 किमी/घंटा की रफ्तार से पानी की सतह पर तैरकर अपने चारों पंखों को खोल लेती है और हवा में उड़ने लगती है।

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