एक स्टिंग अपरेशन में बोले शाही इमाम
‘बंगाल में भाजपा को प्यार करने लगे हैं मुस्लिम’

कोलकाता। टीपू सुल्तान मस्जिद के पूर्व इमाम बरकती ने एक टीवी चैनल के स्टिंग में कहा है कि यदि भाजपा मुझे पैसे देती है तो मुस्लिम वोट भाजपा को मिल जाएंगे। जी हां, कभी ममता बनर्जी के विश्वासपात्र माने जाने वाले टीपू सुल्तान मस्जिद के पूर्व इमाम नूर-उर रहमान बरकती ने कहा है कि वह पैसे लेकर भाजपा के पक्ष में मुस्लिम वोट ट्रांसफर करवा सकते हैं। स्टिंग में इमाम बरकती ने कहा कि यदि भाजपा मुस्लिम वोट हासिल करना चाहती है तो उसे पैसा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा मुझे पांच करोड़ रुपये दे, तो पांच लाख मुस्लिम वोटों का इंतजाम हो जाएगा।किए गए स्टिंग के ऑपरेशन के दौरान जब बरकती से पूछा गया, ‘मुस्लिम वोटर कभी दूसरे पार्टी को वोट नहीं करेंगे क्या, ये भी आपसे कहलवाया गया था?’ इस प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘सब बात पॉलिटिकली कही गई है। जो सख्त बोलता है वो दिल का साफ होता है..। सब यहीं आए थे…बीजेपी के पास माल-पानी बहुत है, सब रुपया लाए, फकीरों को दे, खिलाया जाएगा सब गरीबों को। फिर देखिए कैसे मुस्लिम वोट भाजपा के पक्ष में जाता है।’यही नहीं बरकती ने कहा ‘बीजेपी के सामने मेरी कुछ शर्तें रहेंगी। बीजेपी पैसा दे तो हम चार-पांच लाख लोगों की रैली निकाल सकते हैं। ये सारे लोग बीजेपी के वोट में तब्दील हो जाएंगे… पैसा नहीं रहेगा तो पॉलिटिक्स कैसे होगी। मुस्लिम वोट शेयर पैसे से बदल जाएगा। बंगाल के अंदर बहुत सेंटीमेट बदला हुआ है। यहां मुस्लिम अंदर ही अंदर ही बीजेपी को प्यार कर रहे हैं।’ यही नहीं बरकती ने कहा ‘बीजेपी के सामने मेरी कुछ शर्तें रहेंगी। बीजेपी पैसा दे तो हम चार-पांच लाख लोगों की रैली निकाल सकते हैं। ये सारे लोग बीजेपी के वोट में तब्दील हो जाएंगे… पैसा नहीं रहेगा तो पॉलिटिक्स कैसे होगी। मुस्लिम वोट शेयर पैसे से बदल जाएगा। बंगाल के अंदर बहुत सेंटीमेट बदला हुआ है। यहां मुस्लिम अंदर ही अंदर ही बीजेपी को प्यार कर रहे हैं।’ इमाम ने आगे कहा, ‘बीजेपी का जो दावा है कि वह 22 सीटें जीतेगी, लेकिन मैं बता रहा हूं कि वो 28 सीटें पा जाएंगे क्योंकि हालात ऐसे हैं। पिछले चुनाव में अगर मुस्लिमों ने ममता को वोट नहीं दिया होता तो वह क्या करती? भाजपा अगर पैसा देती है तो मैं मुस्लिमों की रैली निकालूंगा।’ बता दे कि यह टीपू सुल्तान मस्जिद के विवादित शाही इमाम नूर-उर रहमान बरकती हैं जिन्हें कथित राष्ट्रविरोधी बयानों और पद के ‘दुरुपयोग’ के कारण उनके पद से मई माह हटा दिया गया। एक समय आरएसएस और भाजपा से जुड़ने वाले मुसलमानों को पीटने और उनका बहिष्कार करने की धमकी देने वाले बरकती ने हालांकि पद से हटने से इनकार कर दिया है और बोर्ड के अधिकार पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।

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