मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिये जांच के आदेश

जगदीश/फिरोज/जाकीर 

कोलकाता। एक बार फिर महानगर कोलकाता में भीषण अगलगी की घटना घटी। महानगर के बड़ाबाजार स्थित बागड़ी मार्केट में रविवार तड़के करीब दो बजे भीषण आग लग गई।उक्त घटना के बाद लोगों में हाहाकर मच गया। मुख्य रूप से दवाओं के थोक विक्रेता केंद्र के रूप में विख्यात बागड़ी मार्केट के 71 नंबर कैनिंग स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला इमारत में आग लगी। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटना के 12 घंटे बाद भी अग्निशमन विभाग की 35 गाड़ियां आग पर काबू नहीं कर पाई हैं। इधर अग्निकांड को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। रविवार की सुबह इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रात के समय भयावह अग्निकांड की घटना घटी है। राज्य सरकार के अधिकारी इस पर नियंत्रण के लिए लगातार जुटे हुए हैं। आज सुबह 6:00 बजे के करीब कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने‌ अग्निशमन कार्यों का जायजा लिया है। मौके पर मौजूद अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने अथवा हताहत होने की जानकारी नहीं है। तड़के हेयर स्ट्रीट थाने से सूचना मिलने के बाद पहले अग्निशमन विभाग की सात गाड़ियां मौके पर पहुंची थी लेकिन तेजी से बढ़ती आग को देखकर एक के बाद एक अग्निशमन की गाड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा। सुबह 5:00 बजे तक 20 गाड़ियां लगी थी जबकि 8:00 बजे तक इसकी संख्या बढ़कर 30 पर पहुंच गई है। अभी भी आग पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो सकी है। जरूरत पड़ने पर और अधिक अग्निशमन की गाड़ियां मौके पर पहुंचेगी। पूरी इमारत जलकर खाक हो गई है। बताया गया है कि आग लगने के बाद जैसे ही हंगामा मचा यहां रहने वाले सारे लोग सुरक्षित बाहर निकल गए थे। जिस इमारत में आग लगी है वह मुख्यतः व्यवसायिक इमारत है और यहां दवाओं की आढ़त रखी जाती है। लगभग 12 घंटे के बाद भी कैंनिग स्ट्रीट स्थित अग्निदग्ध मकान की आग बुझने की नाम नहीं ले रही है. अग्निदग्ध मकान में जगह-जगह दरार पड़ गयी है. इस कारण मकान के गिरने व आग के अन्य मकानों में फैलने की आशंका से आतंक फैल गया है, हालांकि दमकलकर्मी आग को बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आग अभी भी नियंत्रण के बाहर है. 35 दमकल इंजन आग बुझाने में कई घंटों से लगे हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दमकलकर्मी आग बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आधुनिक उपकरणों का अभाव है. आग छठवें तल्ले तक पहुंच चुकी है. पूरा इलाका धुएं से भरा पड़ा है. ऐसी स्थिति में जरूरत है कि छत के ऊपर से पानी डाली जाए, लेकिन हाइड्रोलिक लैडर के अभाव के कारण छत के ऊपर से आग बुझाना संभव नहीं हो पा रहा है. दूसरी ओर, मकान में जगह-जगह दरार पड़ गयी है. इस कारण इसके गिरने की संभावना भी बढ़ गयी है, हालांकि दमकलकर्मियों ने मकान में प्रवेश करने में सफलता पायी है. बागड़ी मार्केट की आग नहीं बुझी है. पानी की कमी के कारण दमकलकर्मी आग बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. मार्केट में परफ्यूम सहित अन्य दाह पदार्थ रहने के कारण आग तेजी से भड़क रही है.उत्तर कोलकाता के तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय घटनास्थल पर पहुंचे हैं. बंदोपाध्याय का कहना है कि बागड़ी मार्केट के व्यापारियों को सतर्क रहने की जरूरत थी. उन्हें इसके पहले भी नोटिस दिया गया था. दमकलकर्मी आग बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. एक दमकलकर्मी घायल हो गया है. प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने बागड़ी मार्केट अग्निकांड की जांच कराने की मांग की है. श्री घोष ने कहा कि वाममोर्चा के शासनकाल में और अब तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में भी बाजारों में आग लगती रही है. इसका खुलासा हुआ है कि आग लगाने के पीछे किसी ने किसी की साजिश रही थी. ऐसा प्रतीत होता है कि इस अग्निकांड के पीछे भी किसी ने किसी की साजिश है. करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. व्यापारी बर्बाद हो गये हैं. सरकार को व्यापारियों की मदद के लिए कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कोलकाता के पुराने बाजारों में अग्निशमन की व्यवस्था नहीं है. बाजारों में तारों का जाल फैला रहता है. सरकार अग्निशमन की व्यवस्था के प्रति पूरी तरह से लापरवाह है. बड़ाबाजार के कैनिंग स्ट्रीट में स्थित बागड़ी मार्केट में लगी भयावह आग पर दमकल के 30 इंजनों की मदद से दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर ही रहे थे, इसी बीच ग्राउंड फ्लोर पर स्थित चश्मे की दुकान से अचानक धधकती आग की लपटें बाहर निकलने लगी. तुरंत दमकल की पांच अतिरिक्त इंजनों को वहां बुलाकर युद्धस्तर पर आग बुझाने का काम वहां तेजी से शुरू किया गया. आग की लपटें इतनी तेज थी की दो दमकलकर्मी उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गये. इस बड़ी घटना के बाद से कोलकाता के मेयर व दमकल मंत्री शोभन चटर्जी के अलावा लालबाजार के बड़े आइपीएस अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. इस घटना के बाद से रवींद्र सरणी, ब्रेबर्न रोड, एमजी रोड, पोद्दार कोर्ट में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रखी गयी है. स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल के 35 इंजन के साथ दमकलकर्मी मौके पर जुटे हैं.अग्निकांड को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। रविवार की सुबह इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रात के समय भयावह अग्निकांड की घटना घटी है। राज्य सरकार के अधिकारी इस पर नियंत्रण के लिए लगातार जुटे हुए हैं। घटनास्थल पर मेयर शोभन चटर्जी भी पहुंचे हैं एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद हैं। सीएम ने कहा कि इस तरह की घटनाएं हमारे हाथ में नहीं हैं लेकिन फिर भी घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। ज्ञात हो कि शनिवार रात दो बजे के करीब 71 नंबर कैनिंग स्ट्रीट स्थित पांच मंजिला इमारत में लगी भयावह आग को बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग की 30 गाड़ियां लगी। पास में मौजूद ट्रांसफार्मर भी आग की चपेट में आ गया था एवं उनमें एक के बाद एक हो रहे विस्फोट की वजह से इलाके के लोग काफी आतंकित हो गए थे। अग्निकांड के बाद आसपास के करीब एक किलोमीटर क्षेत्र के लोगों ने जगकर रात बिताई। हालांकि घटना में किसी के घायल होने या मरने की सूचना नहीं है।

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