हड़ताल रोकने के लिये राज्य का गृह मंत्रालय सख्त

7 से 10 तारीख तक सरकारी कर्मियों को छुट्टी नहीं

राज्य द्वारा चलाई जाएगी अतिरिक्त 500 बसें

चक्का जाम, विरोध-प्रदर्शन, तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

कोलकाता। तामाम श्रमिक संगठनों द्वारा बुलाई गई देश व्यापी हड़ताल को कुचलने के लिये राज्य सरकार की पुरी व्यवस्था ने कमर कस लिया है और इस बं को किसी भी हाल में रोकने के लिये राज्य सरकार तैयार है। बंद करने वालों से सख्ती के साथ निपटने की हिदायत भी राज्य सरकार ने पुलिस बल को दे दिया है। साफ कहे तो दो दिवसीय यानी 8 और 9 जनवरी को देश व्यापी बंद को राज्य सरकार बर्दास्त करने के मूड में नही है। राज्य सचीवालय  नवान्न से नोटिस जारी किया गया है कि 7,8 व 9  जनवरी को राज्य के सरकारी कर्मी छुट्टी नहीं ले सकते है।  वैसे तो बंद 8 और 9 जनवरी को बुलाया गया लेकिन अगर 7 से लेकर 10 तारीख के अंदर किसी भी दिन सरकारी कर्मी छुट्टी लेते हैं तो उनकी तनख्वाह काट ली जाएगी। सरकार द्वारा प्रार्थना की गई है स्कूल  कॉलेजों से दुकानों को बंद नही करे। ज्ञात हो कि  सीटू समेत 18 ट्रेड यूनियन की तरफ से हड़ताल का ऐलान किया गया है और उसे मुकम्मल तौर पर व्यर्थ बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। वहीं आज राज्य परिवहन विभाग की ओर से इस बारे में विज्ञप्ति जारी की गई है जिसमें इस बात की जानकारी दी गई है कि बंद के दिन अतिरिक्त संख्या में बसें, नाव और अन्य व्यवस्थाएं की गई है। परिवहन विभाग की ओर से बताया गया है कि भले ही राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर देश के किसी भी हिस्से में कुछ भी रहे लेकिन बंगाल में इसका कोई असर नहीं होगा। विभाग की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि पूरे राज्य में हर दिन 2261 सरकारी बसें चलती हैं लेकिन हड़ताल को देखते हुए लोगों की सुविधाओं के ध्यानार्थ उन दो दिनों के लिए अतिरिक्त 500 बसें जोड़ी जाएंगी। कोलकाता और राज्य भर के सभी प्रमुख शहरों में सभी डिपो में अतिरिक्त बसें चलेंगी। ट्राम और वेसल सेवाओं में 20-30 फीसदी की वृद्धि होगी। हड़ताल के दौरान सड़कों पर चलने वाले निजी वाहनों को भी पश्चिम बंगाल सरकार ने बीमा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है परिवहन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक अगर बस-कार के में तोड़फोड़ हुई, तो घटना के विवरण के साथ 24 घंटे में एफआईआर दर्ज की जाएगी। उस सूचना के साथ 72 घंटों के भीतर, डब्ल्यूबीटीआईडीसीएल को सूचित किया जाना है। फिर मुआवजा मिलेगा। कसबा में मौजूद परिवहन कक्ष में कंट्रोल रूम खोला गया है। किसी भी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में मदद के लिए परिवहन विभाग की ओर से व्हाट्स एप नंबर 8902017191 पर जानकारी दी जा सकेगी। वही गृह विभाग ने राजधानी समेत राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों और आयुक्तों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि बंद के दिन लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही चक्का जाम, विरोध-प्रदर्शन अथवा तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बंद के दौरान संभावित संघर्ष और आम लोगों की परेशानियों को टालने के मद्देनजर राज्यभर में अतिरिक्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को आहूत हड़ताल के दौरान लोगों को परेशानी मुक्त रखने के लिए कोलकाता की सड़कों पर तीन हजार अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती होगी। दैनिक ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों के अलावा महत्वपूर्ण चौराहों, शॉपिंग मॉल्स, हावड़ा, सियालदह, कोलकाता स्टेशन समेत सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त संख्या में पुलिस की तैनाती की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (‍मुख्यालय) सुप्रतिम सरकार ने आज बताया कि बंद के दिन आम लोगों को किसी भी तरह से परेशानी में डालने, तोड़फोड़ करने या किसी भी तरह से कानून व्यवस्था हाथ में लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पूरे शहर में लगे ट्रैफिक पुलिस के इंफ्रारेड सीसीटीवी कैमरे के साथ ही पुलिस के अतिरिक्त गस्ती दल भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। सुप्रतिम ने बताया कि तीन हजार अतिरिक्त पुलिस कर्मियों के अलावा तीन सौ पुलिस पिकेट पूरे कोलकाता में लगाए गए हैं।
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