कोलकाता। बंद को लेकर सत्तादारी सरकार व गेरुआ खेमा आमने सामने है। बंद के दिन हंगामे की आसंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि भाजपा द्वारा आहूत बंगाल बंद के दौरान अगर किसी भी तरह की अशांति होती है तो इसके लिए राज्य पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार होंगे। आज प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष नेमीडिया मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए यह चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, “बुधवार को भाजपा द्वारा आहूत बंगाल बंद के दौरान अगर किसी भी तरह की अशांति होती है तो इसके लिए राज्य पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।” बुधवार को बंगाल बंद से पहले मंगलवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष ने वरिष्ठ नेताओं को लेकर बंद को सफल बनाने संबंधी अहम बैठक की है। इसमें कई सारे फैसले लिए गए हैं। बैठक के बाद बाहर निकले दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भाजपा चाहती है कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। कहीं भी भाजपा अशांति को बढ़ावा देने की पक्षधर नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि राज्य की जनता ही यह तय करेगी कि बंद हो या न हो, लेकिन अगर कहीं भी बंद को जबरदस्ती खुलवाने की कोशिश पुलिस की ओर से की जाएगी तो भाजपा इसका जोरदार विरोध करेगी एवं इस दौरान किसी भी तरह की कोई भी अशांति होती है या किसी भी तरह की जानमाल का नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य प्रशासन की होगी। कहां-कहां से निकलेगा जुलूस मंगलवार को बैठक में यह फैसला लिया गया है कि बुधवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बंद को सफल करने राजधानी कोलकाता में श्यामबाजार एवं हजरा से धर्मतल्ला तक दो बड़ी रैलियां निकाली जाएंगी जहां बड़ी जनसभा होनी है। इसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा, मुकुल रॉय जैसे प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेता शामिल होंगे। इसके अलावा हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत राज्य के अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने पर पार्टी की ओर से बंद के समर्थन में रैली निकाली जाएगी। दिलीप घोष ने लोगों से आह्वान किया है कि जिस तरह से राज्य में कानून व्यवस्था की अवनति हुई है एवं दिनों-दिन आम जनता समेत विपक्ष के कार्यकर्ता सत्तारूढ़ पार्टी और पुलिस के हाथों प्रताड़ित हो रहे हैं। इसके विरोध में बंद को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी इतना बर्बर प्रशासन नहीं होता होगा कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चला दे एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ऐसा करने वालों को दंडित करने के बजाए छात्रों को ही कहे कि उन्होंने गोली चलाई थी। ऐसे में लोगों को आगे आकर बंद को सफल करना चाहिए। बहरहाल देखना है कि कुछ ही घंटों बाद राज्य में क्या हालात होते है।

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