राज्य के लोगों को इस दिन टकराव की आशंका

कोलकाता। जहां एक ओर भगवा खेमा बंद को सफल बनाने के लिये रात दिन हर स्तर पर कोशिश कर रहा है तो वही सत्ताधारी राज्य में सत्ताधारी तृणमूल खेमा बंद को विफल करने के लिये कमर कस चुका है। ऐसे में इस दिन टकराव की आशंका से राज्य के लोग इंकार नहीं कर रहे हैं। इधर इस्लामपुर में छात्रों पर पुलिस फायरिंग के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी द्वारा आगामी 26 सितंबर यानी बुधवार को आहूत बंगाल बंद के खिलाफ तृणमूल सांसद इदरीश अली ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को उन्होंने मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ में इससे संबंधित याचिका लगाई है। सांसद की ओर से अधिवक्ता शेख इब्राहिम ने मुख्य न्यायाधीश के सामने याचिका लगा कर बंगाल बंद नहीं करने का निर्देश देने की मांग की है। इसपर मंगलवार को सुनवाई होगी। ‌ याचिका लगाने के बाद सांसद इदरीश अली ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए बंगाल के लोगों को मुश्किल में डालने की जुगत लगाई है। बंद के दौरान न सिर्फ आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा बल्कि व्यापार आदि बंद होने पर केंद्र और राज्य सरकारों के आर्थिक कोष को भी नुकसान पहुंचेगा।” उन्होंने कहा कि इस्लामपुर गोलीकांड मामले की जांच चल रही है इस बीच इस तरह से बंगाल बंद का आह्वान करना गैर संवैधानिक है एवं इस पर रोक की मांग को लेकर ही हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। इदरीश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देकर हिंसा को बढ़ावा देना चाहती हैं। बंगाल बंद से केवल और केवल आम लोगों को परेशानी होगी। चिकित्सा, शिक्षा समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से लोगों को वंचित होना पड़ सकता है। इसके मद्देनजर इस बंद को रोकने के लिए ही निर्देश देने की मांग इस याचिका में की गई है।

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