जगदीश यादव

कोलकाता। क्रिकेट पर सट्टा, मानसून पर सट्टा और तो और सत्ता की कुर्सी पर कौन काबिज होगा इसपर भी सट्टा !।  लगता है कि अब वह दिन दूर नहीं है कि जब इस बात के लिये भी यकीनन सट्टा लगेगा कि बालीवुड की अमुक नायिका अगर गर्भवती है तो वह लड़के को जन्म देगी या फिर लड़की को ।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो चुके है और अब धड़कते दिलों के साथ मतगणना परिणाम का इंतजार किया जा रहा है । राज्य में किसकी सरकार बनेगी अब इस पर भी सट्टा बाजार गरम है। सूत्रों व सट्टेबाजों से जूड़े लोगों की मानें तो उनके अनुसार राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार की सरकार बन सकती है। वहीं सट्टा बाजार में यह लगभग इस बात के कयास लगाये जा चुके है कि ममता बनर्जी सरकार के कई मंत्री विशेषकर मदन मित्रा इस चुनाव में मुंह के बल गिर सकते हैं।

सूत्रों और सट्टा बाजार को करीब से जानने वालों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य भर में वाट्स एप सह कई सोशल मीडिया के माध्यम से बिधानसभा चुनाव के कथित सम्भावित परिणाम को देश भर में फैलाया  जा रहा है ताकि लोग इसके झांसे में आये और सट्टा संचालक  सट्टा बाजार को अपने अनुसार संचालित कर सकें। इन सम्भावित परिणामों से सट्टा बाजार में रुचि रखने वाले दांव लगा लें और फिर दांव लगाने वाला ज्यादा से ज्यादा रकम गवां सके। यानी सबकुछ एक अवैध व्यवसायिक साजिश के तहत चल रहा है। सट्टा बाजार में फिलहाल तृणमूल के सत्ता में वापसी पर 1 रुपये पर तीस से चालीस पैसा देने का वादा किया जा रहा है तो गठबंधन यानी वाममोर्चा व कांग्रेस की सरकार के लिये दर 1 रुपये पर दुगना या फिर उससे थोड़ा ज्यादा देने का वादा किया जा रहा है। उक्त धंधे में वैध कुछ भी नहीं होता है हां वादा खिलाफी नहीं होती रही है।

सट्टा बाजार के पिछले रिकार्ड पर गौर करें  2011 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की जीत पर लगने वाले हर 1 रुपए पर 25 पैसे व वाममोर्चा के पर दर 2.75 रुपए थी। वैसे हमेशा कि तरह हाई-प्रोफाइल सीटों पर हार-जीत पर भी सट्टा लग रहा है। जिनमे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व फिरहाद हकिम राहुल सिन्हा आदी मुख्य हैं। उनकी जीत पर सट्टा लगाने वाले को प्रति रुपए 25 पैसे मिलेंगे। हलांकि दीदी के चुनावी क्षेत्र भवानीपुर को लेकर सट्टेबाज अभी तक कंफ्यूज हैं। वैसे माना जा रहा है कि मतगणना के दिन यानी 19 मई तक पच्चीस से पचास करोड़ का सट्टा लग सकता है।

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