कोलकाता। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि 1.8 अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी को नोटबंदी के दौरान बढ़ावा मिला। उन्होंने घोटाले के पीछे की ‘पूरी सच्चाई’ का खुलासा करने की मांग की। ममता बनर्जी  ने कहा, “यह बहुत बड़े घोटाले का सिर्फ एक छोर है। इस बड़े बैंक घोटाले को नोटबंदी के समय बढ़ावा मिला। नोटबंदी के दौरान बड़े स्तर पर धनशोधन हुआ। वे कौन लोग हैं, जो इसमें शामिल हैं। इसमें और भी बैंक शामिल हैं। पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।” ममता ने इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी की व्यापक जांच की मांग की थी और कहा था कि वह लोगों का पैसा सुरक्षित होने तक केंद्र सरकार को छोड़ेंगी नहीं। केंद्र पर फायनेंशियल रिसोल्यूशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (एफआरडीआई) विधेयक के जरिए बैंकों में जमा लोगों के धन हड़पने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्रालय को विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए पत्र लिखें हैं।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोटाले में दूसरे बैंकों के शामिल होने का आरोप लगाया है। बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने काले धन पर रोक लगाने के लिए आठ नवंबर 2016 को 500 और 1,000 रूपये के नोट को चलन से बाहर कर दिया था. नोटबंदी के दौरान कुछ बैंकों में प्रमुख अधिकारियों को बदलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों का तबादला करने और उन्हें ट्रांसफर करने या हटाने में शामिल लोगों की भी जांच करने की मांग की। पीएनबी घोटाले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।राज्य में बीजेपी एक बड़ी विपक्षी दल बन कर उभरी है जहां पर तृणमूल कांग्रेस 2016 में दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीत कर सत्ता पर काबिज है।
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