डाक्टर दें रहें हैं पूरे बाजू के कपड़े पहनने की सलाह

दिन के वक्त अधिक हमला करते हैं उक्त मच्छर

नारियल का तेल पैर के घुंटनों तक लगाये

जगदीश यादव

dr ramesh rajakकोलकाता। महानगर कोलकाता सहित राज्य भर में जहां डेंगू के डंक का कहर जारी है वहीं अज्ञात बुखार का राज्यभर में खौफ है। ऐसे में कोलकाता और उत्तर 24 परगना ज्यादा प्रभावित हैं।  पिछले 36 घंटे  में डेंगू और अज्ञात बुखार से और आठ लोगों की मौत हो गयी है। मरने वालों की संख्या उत्तर 24 परगना में चार और हावड़ा में एक है। जबकी ताजा जानकारी के अनुसार उत्तर चौबीस परगना जिले के देंगंगा में डेंगू का डंक दना दन की तर्ज पर लोगों पर पड़ रहा है। साफ कहें तो पिछले 36 घंटे  में इस इलाके में तीन लोगों की मौत डेंगू से बताई जा रही है।  हालात में सुधार होता नहीं दिख रहा है जिसके कारण लोगों में दहशत है। देंगंगा में उक्त डेंगू के डंक से मृत लोगों के नाम रमजान अली, रत्ना दास व मारीया बीबी है। मामले पर डाक्टरों का कहना है कि डेंगू रोग मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसके मच्छर दिन के समय काटते हैं तथा यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। डेंगू के दौरान रोगी के जोड़ों और सिर में तेज दर्द होता है और बड़ों के मुकाबले यह बच्चों में ज्यादा तेजी से फैलता है।डेंगू बुखार में उल्टियां होना और साथ ही प्लेटलेट्स का तेजी से नीचे गिरना आम लक्षण होते हैं। डॉ. रमेश रजक ने बताया कि यदि इसका इलाज तुरंत न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। डेंगू के इलाज में लोग अक्सर महंगे हॉस्‍पीटल का रुख कर रहे हैं। लेकिन अगर आप अंग्रेजी दवाओं से कुछ खास असर नहीं दिख रहा है तो आप साथ साथ घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं। लेकिन पहले डाक्टरों से सलाह जरुर लें। उक्त रोग के बारे में डाक्टरों ने बताया कि अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगा कर रखें। तुलसी की खुशबू मात्र से ही डेंगू मच्छर दूर भागते हैं। साथ ही घुटनों के उपर तक नारियल तेल लगा कर रखें। कारण डेंगू के मच्छर घुटने के उपर हमला नहीं कर पाते हैं। साथ ही उक्त रोग के मरीज अपने मुंह में ईलाईची के दाने बिना चबाये रखें। होमियोपैथी दवा के रुप में मरीज को यूपेटोरियम परफोलियेटम 200 की 3 या 4 बूंद पानी के साथ दो घंटे के अंतराल पर दो दिन पिलाये।यह दवा विश्व भर में इस रोग के लिये जाना जाता है।  घर और घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें। ध्यान रखें कि डेंगू मच्छर अधिकतर साफ पानी में ही होते हैं। साथ ही साफ-सफाई का भी ध्यान दें। डॉ. रमेश रजक का कहना है कि सुबह और शाम को नियमित कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करें। कई बार हमें डेंगू मच्छर दिखते नहीं हैं लेकिन उनके अण्डे पानी में छिपे रहते हैं। जो बड़े होकर डेंगू बनते हैं। इसलिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।घर में 24 घंटे मच्छर भगाने की कॉइल का इस्तेमाल करें। खुद भी और बच्चों को भी पूरे बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दें और रात को सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें। दिन के वक्त अधिक सावधान रहें।

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