कोलकाता।जंगल महल के इलाको में प्रसिद्ध लालगढ़ माओवाद के लिये जाना जाता रहा है। लालगढ़ आंदोलन के आदिवासी नेता छत्रधर महतो की जमानत याचिका पर कलकत्ता हाइकोर्ट ने कोई फैसला सुनाने से इन्कार कर दिया है। कलकत्ता हाइकोर्ट ने कहा कि उनकी अपील और जमानत याचिका पर एकसाथ सुनवाई होगी। न्यायधीश एम मुमताज खान और जस्टिस जॉय सेनगुप्ता की पीठ ने कहा कि वह 25 जुलाई से अपील और जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी। वरिष्ठ वकील शेखर बोस ने महतो की जमानत का अनुरोध किया।  महतो उम्रकैद का सामना कर रहे हैं और तकरीबन कई साल से जेल में बंद हैं। अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा महतो की दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उनकी अपील पर सुनवाई करने के पहले जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी। बता दे कि वर्ष 2015 में लालगढ़ के बहुप्रचारित आंदोलन के नेता छत्रधर महतो और उनके 5 अन्य साथियों को 6 वर्ष मुकदमा चलाने के पश्चात  अदालत ने उम्रकैद की सजा का निर्देश दिया था। आरोप लगाते हुए बताया जा रहा है कि महतो की  2009 में  गिरफ्तारी से अब तक उन पर 35 से अधिक केस लाद दिये गये उन पर व उनके साथियों पर काले कानून गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून लादा गया व इसके तहत उम्र कैद की सजा सुना दी गयी थी।
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