भाजपा दुसरे नम्बर पर , माकपा की हालत और बदतर
बदमाशों की गोली से दो मतगणना एजेंट घायल
मतगणना केन्द्र में ही बैलेट पर लगाने लगे ठप्पा
राज्य भर में हिंसा का दौर जारी
विजय की खुशी में हिंसा का ताण्डव
फिर ममतामय हुआ राज्य

जकीर अली/फिरोज आलम/जयदीप यादव/जेपी शर्मा

कोलकाता। जैसा की माना ही जा रहा था मतगणना का परिणाम ठीक वैसा ही नजर आया। बंगाल की सत्तारुढ तृणमूल कांग्रेस का कब्जा ग्राम बांग्ला पर बरकरार रहा। राज्य में पंचायत चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस भारी जीत की ओर बढ़ रही है।साफ कहे तो लगभग 90 प्रतिशत सीटों पर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का कब्जा रहा। खबर के लिके जाने तक भले ही मतदान परिणाम शत प्रतिशत नही आये लेकिन बंग भूमि में एक बार फिर से ममता बनर्जी शक्तिसाली साबित हुई।नदिया जिले के पगला चण्डी हाइ स्कूल स्थित मतगणना केन्द्र में अचानक ही दल बल व हथियारों के साथ कुछ अराजत तत्व आये और उन्होंने मतगणना केन्द्र को पहले कब्जे में लिया और फिर दहशत फैलाते हुए बैलेट बाक्स में एक विशेष पार्टी के लिये वोंट हेतु जाली वोंट छापते रहें।उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा ब्लॉक स्थित कमलापाल स्मृति महाविद्यालय मतगणना केन्द्र के सामने गुरुवार को तनाव का माहौल बन गया। गुरुवार सुबह मतगणना के दौरान बदमाशों के केन्द्र में घुसकर काउंटिंग एजेंट पर गोली चला दी, जिसके कारण दो एजेंट घायल हो गए। घायलों को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों घायलों की हालत गम्भीर बताई जा रही है। इस मामले में तृणमूल समर्थकों पर आरोप लगाए गए हैं। भाजपा, कांग्रेस एवं माकपा के काउंटिंग एजेंट के अनुसार तृणमूल कांग्रेस पोषित बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। घटना के खिलाफ विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिले के 31 नंबर राजमार्ग पर पथावरोध भी किया।पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान भाजापा और तृणमूल कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प की खबरें राज्य के तमाम जगहों से आई। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को लाठीचार्ज तक करना पड़ा है। चुनावी नतीजों की बात करे तो की तो तृणमूल इन चुनावों में काफी आगे निकल गई है। वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी चल रही है। हलांकि भाजपा जीत के मामले में तृणमूल से काफी पिछे रही। बीरभूम में एक मतगणना केन्द्र के बाहर भाजापा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। हालात गंभीर होते देख सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज के सहारे स्थिति पर नियंत्रण पाया।
मतगणना के दौरान कुछ स्थानों पर बदमाशों द्वारा बैलेट बॉक्स फेंकने की घटनाएं सामने आईं। दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर आब्दुलगणि कॉलेज में गुरुवार सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के साथ ही तृणमूल कांग्रेस एवं कांग्रेस के काउन्टिंग एजेन्टों के बीच विवाद शुरू हो गया। इस बीच दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई। इस दौरान कुछ बदमाशों ने कॉलेज के भीतर घुसकर बैलेट बॉक्स को कमरे से बाहर फेंक दिया। इस घटना को देखते हुए घटनास्थल पर अतिरिक्त वाहिनी के साथ एसडीपीओ विपुल बनर्जी पहुंचे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला नियन्त्रित हुआ। इस घटना के बाद मतगणना केन्द्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अब तक पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके में मतगणना के दौरान फायरिंग की घटना प्रकाश में आई है। नदिया, बांकुड़ा, बीरभूम तथा उत्तर 24 परगना जिलों में भी संघर्ष की घटनाएं हुई है। कूचबिहार के माथाभांगा में मतगणना केंद्र के बाहर पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के एजेंट के बीच धक्का-मुक्की होने की खबर मिली है। आरोप है कि सत्तापक्ष ने विरोधी दलों के एजेंट को केंद्र के अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। जब पुलिस ने इसका विरोध किया तो तृणमूल कर्मी उनके साथ बहस करने लगे और धक्का-मुक्की होने लगी।
मतगणना के दौरान नदिया ज़िले में कथित तौर पर तृणमूल कार्यकर्ता मतगणना केंद्र में घुसकर धड़ाधड़ बैलेट पेपर पर मुहर लगाने लगे। बीरभूम में काउंटिंग सेंटर के बाहर टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गये। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़ी। कोलकाता स्थित राजारहाट के 163 नंबर चांदपुर ग्राम पंचायत में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस के काउंटिंग एजेंट के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है।उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा के बेड़गुम 1 नंबर ग्राम पंचायत के माकपा उम्मीदवार को मतगणना केंद्र में प्रवेश करने से पुलिस और बीडीओ ने रोक दिया।ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्राम पंचायत की 11,880 सीटों पर नतीजे आ चुके हैं। इनमें से 8953 सीटें अकेले टीएमसी ने अपने खाते में कर ली हैं।जबकि तृणमूल जोरदार रुप से अपनी बढत बनाये हुए थी। वहीं बीजेपी ने 1537, माकपा ने 542 और कांग्रेस ने 248 ग्राम पंचायत सीटों पर कब्जा कर लिया है।पंचायत समिति सीटों की तो 2560 सीटों में से टीएमसी ने 2406 अपने खाते में की हैं, जबकि माकपा को 60, बीजेपी को 48 और कांग्रेस को सिर्फ 28 सीटों से संतोष करना पड़ा है। वहीं भाजपा, माकपा और कांग्रेस को सबसे करारी मात जिला परिषद में खानी पड़ी है जहां तीनों एक सीट तक जीत नहीं सकी हैं। 240 सीटों में से सारी सीटें जीत टीएमसी ने बाकी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है।
आपको बता दें कि 14 मई को पश्चिम बंगाल में 621 जिला परिषदों, 6,123 पंचायत समितियों और 31,802 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। पंचायत चुनाव के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) को जिन 568 मतदान केन्द्रों पर हिंसा की शिकायतें मिली थीं, वहां 16 मई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच फिर से मतदान कराए गए थे। 16 मई को हुगली में 10 मतदान केन्द्रों , पश्चिम मिदनापुर में 28 मतदान केन्द्रों, कूचबिहार में 52 मतदान केन्द्रों, मुर्शिदाबाद में 63 मतदान केन्द्रों, नादिया में 60 मतदान केन्द्रों, उत्तर 24 परगना में 59 मतदान केन्द्रों, मालदा में 55 मतदान केन्द्रों , उत्तर दिनाजपुर में 73 मतदान केन्द्रों और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। वोटिंग के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों के प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई इलाकों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ था। चुनावी हिंसा में लगभग 25 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 50 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। गृह मंत्रालय ने हिंसा के संबंध में पश्चिम बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी थी।

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